Tea or coffee, a better drink than both.

दोस्तों Tea or Coffee से ज्यादा अच्छी होती है-हर्बल टी जैसे कि तुलसी टी, र्और लेमन ग्रास टी ,यह हमारे मेटाबॉलिज्म को सुधार करके हमारे डाइजेशन को बूस्ट करने का काम करते हैं।

दोस्तों अब जानते हैं नुकसान को जब आप ज्यादा चाय या Coffee पीते हैं तो एंजायटी restless और hadeche जैसी अन्य प्रॉब्लम हो सकती है। चाय या काफी ज्यादा पीने से आपको acidity भी हो सकती है। किसी भी चीज को जरूर से अगर ज्यादा हम उपयोग करते हैं तो नुकसान होती हैं। इस तरह चाय और कॉफी  भी अधिक मात्रा में पीने से हमें नुकसान हो सकती है।

चाय में जो taninus होती है वह एसिडिटी के प्रॉब्लम्स को बढ़ाती है । यह काफी के बदले चाय से ज्यादा होती  है।

साथ ही, कैल्शियम और आयरन की कंजप्शन होती है , जिससे हमारे शरीर में कई बार खून की समस्या भी देखने को मिलती है। यदि हम अगर ज्यादा चाय पीते हैं तो? 

और दोस्तों काफी में जो कैफीन होती है जो की वात दोष वालों को ज्यादा बेचैन कर सकती है।

कुछ ऐसे पेय जो Tea और coffee, दोनों से बेहतर माने जा सकते हैं (स्वास्थ्य के लिहाज़ से, अगर चीनी वगैरह न मिलाएँ):-

Herble Tea

हर्बल टी –
Herble tea – असल में “टी” पत्तियों से नहीं, बल्कि जड़ी-बूटियों, फूलों, पत्तियों, बीजों या फलों को गर्म पानी में डालकर बनाई जाती है, इसलिए इसमें कैफ़ीन नहीं होता।

हर्बल टी के मुख्य फायदे:-

कैफ़ीन-फ्री – नींद, दिल की धड़कन या बेचैनी पर असर नहीं डालती।

रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना – तुलसी, अदरक, दालचीनी जैसी जड़ी-बूटियां इम्यून सिस्टम मजबूत करती हैं।

पाचन में मदद – पुदीना, सौंफ, अदरक जैसी हर्ब्स पेट की गैस, एसिडिटी और सूजन कम करती हैं।

तनाव और नींद में सुधार – कैमोमाइल, लैवेंडर जैसी हर्ब्स रिलैक्सेशन देती हैं और नींद लाने में मदद करती हैं।

डिटॉक्सिफ़िकेशन – शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालने में सहायक।

कैफ़ीन मात्रा: 0 mg (पूरी तरह कैफ़ीन-फ्री)।

कब पिएं:-

सुबह ताज़गी के लिए

शाम को रिलैक्सेशन के लिए

रात में सोने से पहले (ख़ासकर कैमोमाइल या लैवेंडर)

1. Green Tea

Green tea-

Green teaचाय की पत्तियों से ही बनती है, लेकिन इसे ज़्यादा प्रोसेस नहीं किया जाता, इसलिए इसमें प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्व अधिक रहते हैं।

ग्रीन टी के मुख्य फायदे:-

एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर – शरीर में फ्री रेडिकल्स को कम कर के उम्र बढ़ने के असर को धीमा करता है।

मेटाबॉलिज़्म बूस्ट – वज़न घटाने और फैट बर्न में मददगार।

दिल और दिमाग के लिए अच्छा – रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल संतुलित रखने में सहायक।

हल्की कैफ़ीन – ऊर्जा और ध्यान तो देता है, लेकिन बेचैनी या नींद की समस्या कम होती है।

डिटॉक्सिफ़िकेशन – शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद करता है।

कैफ़ीन मात्रा: लगभग 20–35 mg प्रति कप (कॉफ़ी से काफ़ी कम)।

कब पिएं:-

सुबह या दोपहर, खाने के बीच

रात में सोने से पहले न लें (कैफ़ीन होने के कारण)

2. Chamomile Tea.

कैमोमाइल -chamomile tea.

एक हर्बल फूल है, जिसका उपयोग हज़ारों सालों से औषधीय चाय बनाने में किया जाता है।
इससे बनने वाली कैमोमाइल टी दुनिया भर में नींद, रिलैक्सेशन और पाचन सुधारने के लिए मशहूर है।

कैमोमाइल के मुख्य फायदे:-

नींद और रिलैक्सेशन – इसमें मौजूद एपिजेनिन (Apigenin) नामक यौगिक दिमाग में रिसेप्टर्स से जुड़कर नींद लाने में मदद करता है।

तनाव और चिंता कम करना – हल्का शांतिदायक (mild sedative) प्रभाव देता है।

पाचन में सुधार – गैस, एसिडिटी और पेट दर्द कम करने में सहायक।

सूजन और दर्द में राहत – इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं।

त्वचा के लिए फायदेमंद – कैमोमाइल वॉश या टी त्वचा की जलन और एलर्जी कम कर सकती है।

कैफ़ीन मात्रा: 0 mg (पूरी तरह कैफ़ीन-फ्री)

कब पिएं:-

रात को सोने से आधा घंटा पहले (नींद के लिए)

तनाव या थकान के समय

खाने के बाद पाचन सुधारने के लिए

3. Tulsi Tea

तुलसी चाय -Tulsi tea.

एक हर्बल चाय है जो पवित्र तुलसी (Holy Basil / Ocimum sanctum) की पत्तियों से बनाई जाती है। आयुर्वेद में इसे “अमृत” की तरह माना गया है, क्योंकि यह शरीर और मन दोनों के लिए लाभकारी है।

तुलसी चाय के मुख्य फायदे:-

इम्यूनिटी बूस्टर – संक्रमण, सर्दी-ज़ुकाम और फ्लू से लड़ने की क्षमता बढ़ाती है।

तनाव कम करना – एडेप्टोजेन (Adaptogen) गुणों के कारण तनाव और थकान कम करती है।

सांस संबंधी समस्याओं में राहत – खांसी, अस्थमा और गले की खराश में फायदेमंद।

डिटॉक्सिफ़िकेशन – शरीर से टॉक्सिन निकालकर लिवर को स्वस्थ रखती है।

एंटीऑक्सीडेंट गुण – उम्र बढ़ने के असर को धीमा करती है और कोशिकाओं को नुकसान से बचाती है।

कैफ़ीन मात्रा: 0 mg (पूरी तरह कैफ़ीन-फ्री)

कब पिएं:-

सुबह खाली पेट (डिटॉक्स और इम्यूनिटी के लिए)

सर्दी-ज़ुकाम के समय

तनाव और थकान कम करने के लिए दिन में किसी भी समय

4.Lemongrass Tea

Lemongrass Tea लेमन ग्रास टी –

एक हर्बल चाय है, जो लेमन ग्रास (सिट्रोनेला घास) की ताज़ी या सूखी पत्तियों को उबालकर बनाई जाती है। इसका स्वाद हल्का नींबू जैसा होता है, लेकिन इसमें नींबू नहीं डाला जाता।

लेमन ग्रास चाय के मुख्य फायदे:-

पाचन सुधार – गैस, अपच और पेट दर्द में राहत देती है।

डिटॉक्सिफ़िकेशन – शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद करती है।

वज़न घटाने में सहायक – मेटाबॉलिज़्म तेज़ करती है और फैट बर्न में मदद करती है।

ब्लड प्रेशर कंट्रोल – हाई ब्लड प्रेशर को संतुलित करने में मदद कर सकती है।

एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण – संक्रमण और सूजन से बचाती है।

तनाव कम करना – इसकी खुशबू और स्वाद मन को शांत करते हैं।

कैफ़ीन मात्रा: 0 mg (पूरी तरह कैफ़ीन-फ्री)

कब पिएं:

सुबह खाली पेट डिटॉक्स के लिए

भोजन के बाद पाचन सुधारने के लिए

शाम को रिलैक्सेशन के लिए

नींबू पानी , नारियल पानी –

विटामिन C से भरपूर, डिटॉक्स और पाचन में मददगार।प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स, गर्मी और थकान में तुरंत राहत।

Conclusion

अगर लक्ष्य स्वास्थ्य है तो हर्बल टी और ग्रीन टी, दोनों चाय और कॉफ़ी से आगे निकल जाते हैं।
अगर लक्ष्य एनर्जी + स्वास्थ्य का संतुलन है तो ग्रीन टी सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है।

अगर बात चाय और Coffee से बेहतर पेय की हो, तो

Herble tea → बिना कैफ़ीन, रिलैक्सेशन और इम्यूनिटी के लिए बढ़िया।

Green tea→ हल्की कैफ़ीन + ज़्यादा हेल्थ बेनिफिट।

नारियल पानी/नींबू पानी → हाइड्रेशन और प्राकृतिक पोषण के लिए।

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